Prem Kahani
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Samarpan
Samarpan – 11
शीतल नाईट सूट वाले टॉप और ट्रोउजर में थी। वो किचन में चली गयी और वसंत के लिए पानी रख…
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Samarpan
Samarpan – 10
शीतल सोचती सोचती नींद के आगोश में जा चुकी थी। शीतल रोज सवेरे जागती थी और फ्रेश होकर नहा कर…
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Samarpan
Samarpan – 9
आज रात में भी शीतल विकास से वसंत के बारे में ही बात कर रही थी। बोली "वसंत चाचा आज…
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Samarpan
Samarpan – 8
नीचे शीतल जैसी गर्म माल उसके लिए तैयार होकर बैठी थी लेकिन वो उसे ठीक से देख भी नहीं पाया।…
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Samarpan
Samarpan – 7
दिन में शीतल फिर से दोपहर का वेट कर रही थी। अब उसके मन में कोई द्वन्द नहीं चल रहा…
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Samarpan
Samarpan – 6
शाम में जब विकास घर आया, तब तक शीतल वसंत के बारे में काफी कुछ सोच चुकी थी और उसे…
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Samarpan
Samarpan – 5
थोड़ी देर बाद शीतल के अंदर के संस्कार और शरीफ औरत जागी। उसे बुरा लगने लगा की वो ये क्या…
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Samarpan
Samarpan – 4
शीतल के दिमाग में पिछले 6 महीने के सारे दृश्य आँखों के सामने से गुजर रहा था और उसे एक…
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Samarpan
Samarpan – 3
शीतल रोज सवेरे जागती और नित्य क्रिया के बाद नहाकर फिर पूजा करती थी और फिर चाय बनाकर विकास को…
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Samarpan
Samarpan – 1
नमस्कार दोस्तों, मैं बंटी एक बार फिर से आपका स्वागत करता हूँ और पेश करता हूँ आपलोगों की मनपसंद कहानी…
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