This story is part of the अगर मुझसे मोहब्बत है series
पति हूं फिर भी उसके लंड का जूस मैं पिला दूंगा
पराये मर्द से चुदने की खुशीयां मैं दिला दूंगा।
अगर तुम चोदने वाले को सब अपनी शरम देदो।
अगर मुझसे मोहब्बत है मुझे सब अपने गम देदो।
फिर मैं किरण की ओर घूमा और मैंने किरण से पूछा, “क्या किरण, अगर रीता सूरज के साथ सोना चाहे तो क्या तुम्हें कोई प्रॉब्लम है?”
किरण ने मेरी बाहों में आ कर कहा, “मुझे क्या दिक्क्त हो सकती है भला? तुम जो रहोगे मेरे साथ।” मेरी पत्नी रीता उसकी सखी किरण की बात सुन कर आंखें फाड़-फाड़ कर आश्चर्य से उसे देखने लगी।
हमारी बातें ख़त्म हों उसके पहले ही सूरज वहां आ पहुंचा। सूरज को देख सब चुप हो गए। सूरज ने किरण की आखरी लाइन सुन ली थी। सूरज ने कहा, “हां भाई, यह तो हमने पहले से ही तय किया था कि किरण आज की पूरी शाम राज के साथ रहेगी और रीता मेरे साथ। हम अपनी पत्नियों के साथ तो साल भर रहते हैं। एक दिन तो दूसरे की बीवी का स्वाद लें। मेरा मतलब है कि एक दिन तो दूसरे की बीवी के साथ रहने का स्वाद लें।”
फिर सूरज मेरी पत्नी की ओर घुमा …