मॉम सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि मेरी मॉम मेरी नीयत समझ चुकी थी. वो भी सैक्स की काफी दिनों से प्यासी थी. लेकिन जानबूझकर संस्कारीपन का नाटक कर रही थी.
मेरी मॉम सेक्स कहानी के प्रथम भागमेरी संस्कारी मॉम सेक्स की प्यासी-1में आपने पढ़ा कि कैसे मैंने अपनी सौतेली मॉम को सेक्स की नजर से देखने लगा था.अब आगे:
2 मिनट तक मैंने किस किया, मॉम को भी अच्छा ही लगा. वो नाराज़ नहीं हुई.मैं बोला- सॉरी मॉम, यह तो इस गेम के नियम ही थे.मॉम बोली- यस बेटे कोई बात नहीं … अच्छा लगा!
मैं खुश हो गया. फिर पत्ते बांटे और इस बार भी मैं जीत गया.मॉम मुस्करा रही थी कि अब यह क्या करेगा.
मैं कुछ बोलता … उससे पहले मॉम बोली- बेटा, मैं सब समझ रही हूं. बस अब गेम खत्म करते हैं. रात हो गई है, तुझे सुबह कॉलेज भी जाना है, जाकर अपने कमरे में सो जाओ.मैं हल्के रोते हुए बोला- मॉम, आपने तो बोला था कि जो मैं चाहूंगा, वो आप करोगी. फिर अब मैं जीत रहा हूं तो आप बोल रही हो खेल खत्म?
मुझे रोता देख कर मॉम थोड़ी पिघल गई और बोली- अरे बेटा रो मत … बोल क्या करना है?मैं खुश हो गया और बोला- मॉम, मैं आपके बूब्स बिना कपड़ों के देखना चाहता हूं एक बार बस!
मॉम मेरी नीयत पहले ही समझ चुकी थी और मॉम सैक्स के लिए काफी दिनों से …