चाची की चुदाई के बाद मेरी नजर उनकी जवान बेटी यानि मेरी चचेरी बहन पर थी. मेरी बहन की जवानी पूरे शवाब पर थी. मैंने उसकी कुंवारी बुर को कैसे खोला?
रिश्तों में चुदाई की इस सेक्स कहानी के पिछले भागमेरी माँ और चाची को चोदा-2में आपने पढ़ा कि मैंने अनुजा को नंगी देखा तो मैं उसके कमरे में घुस गया. अनुजा ने मुझे कमरे में आते देखा, तो वो घबरा गई. मैंने उससे प्यार करने के लिए कहा, तो वो मना करने लगी.
अब आगे:
मैंने अँधेरे में तीर चलाते हुए कहा कि मैं यह भी जानता हूँ तुम्हारे और अंश के बीच में क्या चल रहा है.ये बातें सुनकर डर गई.मैंने तो अंधेरे में तीर मारा था, जो सही निशाने में लग गया.
वो मुझसे रिक्वेस्ट करने लगी- प्लीज़ आप मम्मी से मत बताना.मैंने मन ही मन में कहा कि तुम्हें क्या पता कि तुम्हारी मां एक नम्बर की रंडी है. मैंने कहा- ठीक है, जो अंश करता है, वो मुझे भी करने दो.यह कहते ही मैंने तुरंत अनुजा को पकड़ कर उसे बेड पर पटक दिया और वो ‘ना ना..’ करने लगी और मुझसे छूटने का प्रयास करने लगी.
मैं झट से उसके होंठों को चूसने लगा. उसके नींबू …