This story is part of the Vidhva Chachi Ki Garam Jawani series
मित्रो, ये वाक्या तकरीबन छह माह पहले की है, मै दीपक अपने छोटे चाचा के घर उन्नाव गया हुआ था। उनके घर में तो मानो खुशी नाम कि चीज ही नहीं थी, एक ३५-३६ साल की विधवा औरत के लिए जीवन में क्या खुशी और क्या अरमान, बस वो अपना जीवन जी रही थी।
और वो भी अपने बच्चों के खातिर। शीला चाची के घर में उनके ससुर और दो बच्चे थे, चाची बला की खूबसूरत है और साथ ही उनका शारीरिक बनावट काफी आकर्षक है।
उनकी चूची बड़ी बड़ी और चूतड़ गोल गुंबदाकार है, तो उनके चेहरे में चमक थी। लेकिन फिलहाल तो काफी दुख भरा जीवन जी रही थी। मै दीपक २१ साल का एक जवान लड़का हूँ।
मेरा चेहरा सांवला है, और मेरा बदन गठीला है मेरी लंबाई तकरीबन ६ फीट है। मेरा मूसल लंड ७-८ इंच लम्बा और २, इंच मोटा है।
मम्मी के कहने पर मै चाची से मिलने …