This story is part of the Utejna Sahas Aur Romanch Ke Vo Din series
रात के दो बजने वाले थे। सुनीता पूरी तरह से वस्त्रहीन बिस्तर में जस्सूजी के साथ घुस गयी। बिस्तर में एक ही कम्बल के निचे उसने जस्सूजी ले बॉय को महसूस क्या। जस्सूजी गहरी नींद में सो रहे थे। सुनीता थोड़ी देर सोचती रही की वह बगैर कपड़ों के कैसे जस्सूजी के साथ सोयेगी। पर अब तो सोना ही था। और अगर बीचमें जस्सूजी ने उस दबौच लिया तो सुनीता का चुदना तय था।
बिस्तर में घुसने के बाद सुनीता दूसरी और करवट बदल कर लेट गयी। सुनीता की गाँड़ जस्सूजी की पीठ कीऔर थी। सुनीता काफी थकी हुई थी। देखते ही देखते उसकी आँख लग गयी और सुनीता भी गहरी नींद में सो गयी। दोनों करीब दो घंटे तक तो वैसे ही मुर्दे की तरह सोते रहे।
करीब दो घंटे बाद …