This story is part of the Utejna Sahas Aur Romanch Ke Vo Din series
कैंटीन में सुनीता और ज्योतिजी की मुलाक़ात नीतू से हुई। उसके पति ब्रिगेडियर खन्ना साहब कहीं नजर नहीं आ रहे थे। नीतू ने घुटनों तक पहुंचता हुआ स्कर्ट पहना था।
उसकी करारी जाँघें खूबसूरत और सेक्सी लग रहीं थीं। ऊपर उसने सिलवटों वाला छोटी बाँहों वाला टॉप पहना था। टॉप पीछे से खुला था जो एक पतली सी डोर से बंधा था।
पीछे से नीतू की ब्रा की पट्टी साफ़ दिख रही थी। नीतू के अल्लड़ स्तन उसके छोटे से टॉप में समा नहीं रहे थे और उसके टॉप में से उभर कर बाहर आने की भरसक कोशिश में लगे हुए दिख रहे थे।
लम्बी और गोरी नीतू अपने गदराते हुए बदन के कारण हर जवान मर्द के लण्ड को जैसे चुनौती दे रही थी। नीतू ने कपाल पर टिका लगा रखा था जो उसकी सुंदरता में चार चाँद लगा रहा था।
“हेलो, हाई” होने के बाद सुनीता ने चुपके से जब नीतू के कान में कप्तान कुमार के बारे में कुछ पूछा तो नीतू थोड़ा शर्मायी और बोली की उसे कुमार के बारेमें कुछ भी पता नहीं था।
कुमार से उसकी मुलकात सिर्फ पिछली शामको हुई थी उसके बाद पता नहीं वह कहाँ चले गए थे। सुनीता ने नीतू की कान में कुछ और भी बताया जिसके …