बाबा की कहानी बाबा की जुबानी: जगह जगह से लोग मेरे पास अपनी परेशानी लेकर आते, मैं किसी से पैसे नही लेता था इसलिए मेरे पास भीड़ भी लम्बी लगने लगी. भीड़ से बचने के लिए मैने एक उपाय निकाला और मैं मरीज के घर पर जाने लगा.
एक दिन सुबह एक 40 साल का आदमी मेरे पास आया और बोला बाबा मेरी लडकी को कुछ हो गया है. आप चल कर देख लो आपके बारे में बहुत सुना है.
मैंने पूछा – क्या उम्र है उसकी?
उसने कहा – अभी तो 18 की हुई है कई दिनो से पागलों का सा बरताब कर रही है.
मैं उसकी गाडी मे बैठ कर उसके घर पर गया. मैने उस लडकी की तरफ़ देखा, दुध के जैसा गोरा रंग काली ऑखें सीना उभरा हुआ कद 4’9″ का.
मैने अपनी ऑखें बंद की और कुछ देर बाद ऑख खोल कर कहा – इस लड़की का ठीक होना ना मुमकीन है.
लड़की के मां बाप रोने लगे और बोले – ऐसा मत कहिये, आप ही हमारी …