वो जान गयी थी कि उसके कुंवारेपन का आखिरी दिन है. आने वाली स्थिति की कल्पना से उसकी चूचियों में खुमारी भर गई, निप्पल सख्त हो गये, चूत पानी से लबरेज़ हो गई।
कहानी का पिछला भाग: जवान लड़की और नेता जी-2
चड्डी के अंदर हाथ जाते ही वो पहली बार अपनी गीली सफाचट चूत पर हाथ फिराने लगी. और जैसे ही करोना की उँगलियाँ गलती से करोना की भगनासा से टकराई, अचानक उसके पूरे शरीर में तूफ़ान सा आ गया और उसका पूरा शरीर सूखे पत्ते की तरह कांपने लगा.करोना की जान सी निकल गई. इतना सुखद अनुभव करोना को 22 साल की जिंदगी में आज तक नहीं हुआ था. पूरे शरीर पर बेहोशी सी छा गई.
धीरे धीरे करोना को होश सा आया. परन्तु बस काफी देर तक हिलती रही. उसके बाद फिर उसी तरह चिन्ना की जोरदार आवाज सुनाई दी जो करोना की समझ से परे थी।
कुछ देर के बाद चिन्ना के बैडरूम का दरवाजा खुलने की आवाज आई. उसने हिम्मत करके बस के बाहर झाँका और देखा कि वो लड़की लड़खड़ा कर चलती हुई गिर गई. शायद वह मासूम कोमल से लड़की चिन्ना के विशाल लण्ड की जोरदार ठुकाई सहन नहीं कर पाई …