मैं, मेरी बीवी और पापा ने मिल कर एक प्लान बनाया जिसके मुताबिक मैंने मेरी चालू बीवी की चुदाई मेरी मां के सामने करनी थी. हमने यही किया और मां ने हमें देख लिया.
दोस्तो, मैं आशीष एक बार फिर से आपके समक्ष हूं अपनी कहानी का पांचवा भाग लेकर!
कहते हैं कि अगर घर में औरत ठीक मिल जाए तो घर सोना बन जाता है. यह बात सही है कि लवली ने जिस क्षेत्र में कदम रखा उसमें सफलता प्राप्त करके यह साबित कर दिया कि औरतों के आगे आदमी कुछ नहीं कर सकता.
उसके दिमाग का मुकाबला कर सकने वाली शायद ही कोई दूसरी लड़की होगी. वह अच्छी तरह जानती थी कि वह किस आदमी को किस तरीके से पा सकती है. ऐसा काम इतने बेहतर ढंग से कोई और नहीं कर सकता था.
जैसा कि आपने कहानी के इससे पिछले वाले भागमेरी चालू बीवी लंड की प्यासी-4में पढ़ा कि मेरे पापा और मेरी बीवी के जिस्मानी रिश्ते और गहरे होते जा रहे थे. मेरी बीवी की चूत के दीवाने मेरे पिताजी अब मेरी सेटिंग मेरी मां के साथ करवाने के लिए तैयार हो गये थे.
मेरे पापा मेरी बीवी की चूत के जाल में इस कदर फंस चुके थे कि वो उसकी चूत का स्वाद पाते रहने के लिए कुछ भी कर सकते थे. मगर मां की चूत तक पहुंचना इतना आसान नहीं था.इसके लिए हम तीनों ने मिल कर एक प्लान बनाया जिसके मुताबिक मैं और मेरी बीवी मेरी मां के सामने चुदाई करने वाले थे. जब हम दोनों घर के पीछे वाले कमरे में चुदाई कर रहे थे मां ने हमें देख लिया.
फिर अगले दिन भी हमने वैसा ही किया. दो दिन तक हम मियां बीवी की चुदाई का खेल अपनी मां को दिखाते रहे. अब …