hindi story
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Samarpan
Samarpan – 15
वसंत घर आया तो आज भी शीतल के घर का दरवाज़ा अन्दर से बंद था, लेकिन आज वसंत को बुरा…
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Samarpan
Samarpan – 16
वो भी वसंत का उत्साह बढ़ाने के लिए उसके बदन को सहला रही थी. अब तो शीतल ही खुद को…
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Samarpan
Samarpan – 17
चुत का सारा रस पी जाने के बाद वसंत शीतल को देखने लगा। वो आँख खोलकर वसंत को खुद को…
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Samarpan
Samarpan – 18
'अब तो चाहे कुछ भी हो जाये, मैं आपको नहीं छोड़ सकती। मैं किसी और की पत्नी हूँ, इसलिए आपको…
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Samarpan
Samarpan – 19
शीतल को मज़ा तो नहीं ही आया था, उल्टा वो कुछ तनाव में थी। उसके दिमाग में बस वसंत चल…
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Samarpan
Samarpan – 3
शीतल रोज सवेरे जागती और नित्य क्रिया के बाद नहाकर फिर पूजा करती थी और फिर चाय बनाकर विकास को…
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Samarpan
Samarpan – 4
शीतल के दिमाग में पिछले 6 महीने के सारे दृश्य आँखों के सामने से गुजर रहा था और उसे एक…
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Samarpan
Samarpan – 5
थोड़ी देर बाद शीतल के अंदर के संस्कार और शरीफ औरत जागी। उसे बुरा लगने लगा की वो ये क्या…
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Samarpan
Samarpan – 6
शाम में जब विकास घर आया, तब तक शीतल वसंत के बारे में काफी कुछ सोच चुकी थी और उसे…
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Samarpan
Samarpan – 7
दिन में शीतल फिर से दोपहर का वेट कर रही थी। अब उसके मन में कोई द्वन्द नहीं चल रहा…
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