This story is part of the अगर मुझसे मोहब्बत है series
पति हूं फिर भी उसके लंड का जूस मैं पिला दूंगा।
पराये मर्द से चुदने की खुशीयां मैं दिला दूंगा।
अगर तुम चोदने वाले को सब अपनी शरम देदो।
अगर मुझसे मोहब्बत है मुझे सब अपने ग़म देदो।
मैं जानने के लिए उत्सुक था कि दुबारा क्या हुआ। मुझे पूछने की जरुरत नहीं पड़ी। रीता खुद मेरे पास आयी, और किरण और सूरज ना सुन पाएं ऐसे बोली, “यार यह किरण का लम्पट पति सूरज सुधरेगा नहीं। इस बार तो डांस करते-करते पता नहीं कब हम वहां से निकल गए।
सूरज मुझे क्लब के कोई एक अंधेरे से कमरे में ले गया। वहां जाते ही दरवाजा बंद कर उसने मुझे दबोच ही लिया। जो वह पिछली बार नहीं कर पाया था उसने उससे कहीं ज्यादा इस बार कर ही लिया। उसने मेरा ब्लाउज और ब्रा खिसका कर मेरे बूब्स को मसल दिए। मुझे होंठों पर चूम भी लिया।
वहां कमरे में एक बेंच था। सूरज ने उसके ऊपर मुझे लिटा कर मेरा घाघरा ऊपर उठाया। वह अपनी पतलून खोल ही रहा था कि मैं उसे कपडे ना उतारने के लिए कह कर चिल्लाने लगी। तब कुछ घबराया हुआ सूरज …