कामुकता से भरपूर इस सेक्स कहानी के पांचवें भागखेल वही भूमिका नयी-5में अब तक आपने पढ़ा था कि मेरी सहेली के पति ने मुझे रात तीन बजे तक रौंदा था, जिस वजह से मुझे बड़ी थकान हो गई थी. सुबह उठ कर मैं नहायी तो रमा ने मुझे तैयार होने के लिए कुछ मॉडर्न कपड़े दिए. मगर मैंने साड़ी पहनना ही थी समझा.अब आगे:
मेरी सहेली रमा बोली- सच में सारिका मैं ही गलत थी, आज जब भेद खुलेगा तो सच में लोग चौंक जाएंगे.जब हम दोनों तैयार हो गए, तो हम बिस्तर के पास आगे की योजना के बारे में बात करने के लिए चले आए.
वहां पहुंच जब रमा ने बिस्तर देखा, तो चकित होते हुए बहुत जोरों से हंसती हुई बोली- सारिका ये क्या है, रात की कहानी तो ये चादर बता रही है.मुझे थोड़ी शर्मिंदगी सी महसूस हुई.
पर रमा ने बोला- लगता है कान्ति ने तुम्हें पूरी तरह निचोड़ कर रख दिया. मैं यकीन से कह सकती हूं तुम्हें बहुत मजा आया होगा. खैर … अभी कमरे सफाई के लिए आएंगे, हम दोनों नीचे चलते हैं.रमा की बात तो सही ही थी कि कांतिलाल ने मुझे निचोड़ कर रख दिया था, पर आनन्द भी उतना ही आया था.
मैं उसके साथ शर्माती हुई चल पड़ी. दोपहर का समय तो हो ही चुका था, पर अभी तक किसी का अता-पता नहीं था. केवल मैं और रमा ही थे. हम दोनों एक केबिन वाले स्विमिंग पूल के सामने कमरे में चले गए और खाने का आर्डर दे दिया.
वहां का नज़ारा ही अलग था. एक पल तो मुझे लगा कि यहां आए सभी लोग हमारी तरह ही मजे करने आए हैं. क्योंकि जितने भी मर्द और औरतें पूल के आसपास थे, सभी आधे नंगे ही थे. औरतें केवल ब्रा और पैंटी में … और मर्द केवल जांघिया या हाफ पैंट में थे.
पर जब ध्यान दिया तो कुछ लोग परिवार के साथ भी थे. तब मुझे धीरे धीरे समझ आया कि ये लोग अच्छे खासे …