This story is part of the Sarpanch ji ki heveli chudai ki raat series
हेलो नमस्कार दोस्तो जैसा आपने पार्ट 5 मे पढा की शादी में मेरे पापा औऱ सरपंचजी की मुलाकात हुयी थी और फिर उन्होने पापा को रात को हवेली पर रहने के लिये मना लिया। हम चारो यानी सरपंचजी मैं पापा और मम्मी सरपंचजी की गाड़ी में बैठकर हवेली पहुंचे।
मुझे मम्मी और पापा को एक कमरा दिया उसमे एक किंग साइज बेड था यानी हम तीनों एक ही बेड पर सो सकते थे। सरपंचजी हमे उस कमरे में छोड़कर चले गये मम्मी को लगा आज शायद सरपंचजी के साथ वो मजे नही कर पायेगी इसलिये मम्मी थोडा नाराज हुयी उनका चेहरे पर जो आते वक्त खुशी थी वो उतर गयीं थी।
थोड़ी देर बाद पापा को नीचे बुलाने के लिये सरपंचजी ने एक नौकर भेजा पापा के साथ मैं भी उनके पीछे पीछे गया।
मैंने देखा नीचे सरपंचजी कुर्सी पर बैठे थे सामने टेबल पर दारू और चकना पड़ा था। सरपंचजी ने पापा को दारू …