This story is part of the Sanjha Bistar series
कुमुद ने तिरछी नज़रों से छोटी बहन रानी की और देखा। कुमुद की नजर पड़ते ही रानी कुछ सहम सी गयी।
कमल का लण्ड अपने हाथों में सहलाती हुई थोड़ा सा खिसक कर वह अपने पति राज से बोली, “राज, क्या हम, मैं और कमल, दूसरे कमरे में जा सकते हैं? मुझे शर्म आ रही है।”
राज ने देखा तो रानी और कुमुद की नजरें मिली हुई थीं। वह समझ गया की आखिर कितनी ही खुली क्यों ना हो, भारतीय नारी को अपनी लज्जा की मर्यादा का ध्यान रहता ही है।
पर वह अपनी बीबी की चुदाई अपनी आँखों के सामने अपने भाई समान दोस्त से होते हुए देखना चाहता था। आज सालों के बाद उसकी यह तमन्ना पूरी होने वाली थी। उसे वह गँवाना नहीं चाहता था।
उसने रानी से कहा, “मैं आज तुम्हारी और कमल भैया की प्यार भरी चुदाई अपनी नज़रों के सामने देखना चाहता हूँ। शायद तुम्हें कुमुद से शर्म आ रही तो तुम्हें हिम्मत देने के लिए पहले मैं कुमुद को चोदना शुरू करता हूँ। इस से तुम्हें शायद कुछ हिम्मत मिले। और मैं कमरे की बत्ती को भी थोड़ा हल्का कर देता हूँ। …