इस हिन्दी सेक्स कहानी में अपने अब तक जाना था, की अनजाने में ही सही पर मैं अपने पति और भाई से एक साथ चुद रही थी. मेरा भाई और पति इस बात से बिलकुल बेखबर थे की वो किसे चोद रहे है, अब आगे..
अपने पति और भाई से एक साथ चुदवाते हुए, ना चाहते हुए भी मैं आनंद सागर में हिचकोले खा रही थी। पति मेरी गांड में ही झड़ चुके थे। उधर भाभी उत्साह में अपना मास्क निकाले संजू का लंड चूस रही थी।
पति का हो चूका तो उन्होंने कहाँ “मेरा हो गया, मुझे नीचे से निकलने दो, फिर तुम दोनों करते रहना”।
अमित ने अपना लंड मेरी चुत से बाहर निकाला और पीछे हटा। मैं पति के ऊपर से नीचे उतरी। पति के लंड से निकला हुआ पानी मेरी गांड में जमा था जो लंड के बाहर आते ही रिसने लगा।
पति को पूरा लंड पानी से तरबतर हो गंदा हो चुका था। पति बोले मैं वाशरूम जाकर साफ़ करके आता हूँ।
अमित ने मुझको बोला “अब बिस्तर पर करते हैं।” मुझे ले जाकर संजू के पास लेटा दिया।
मैंने देखा भाभी ने मास्क नहीं लगा रखा हैं और उनका चेहरा थोड़ा दिख रहा हैं, अमित के मेरे पास आते ही उसको भाभी का चेहरा दिख सकता हैं, पर भाभी तो चूसने में इतनी मगन थी कि उनको कोई अहसास ही नहीं था इस बात का।
संजू ने …