पढ़ाई के लिए मैं मामा के घर रहने लगा. भरे बदन की मामी मुझे पसंद आ गयी लेकिन वो मामी थी. फिर भी मैंने मामी की चुदाई की, मामी से सेक्स किया. कैसे?
ये बात तब की है, जब मैंने 12वीं पास करके आगे की पढ़ाई करना शुरू की थी. मम्मी पापा मुझे रोज ही बोलते रहते थे कि अगर सही से पढ़ना है, तो मामा के घर चले जाओ … वहां, यहां से बेहतर पढ़ाई का माहौल है. पर मैं अपने मम्मी पापा को छोड़ कहीं नहीं जाना चाहता था क्योंकि मेरे अलावा था ही कौन उनका.
एक दिन मेरे मम्मी पापा ने मुझे बुलाया और समझाया कि तू हमारी फ़िक्र मत कर, हम यहां अच्छे से रहेंगे. बस तुम अपनी पढ़ाई पर ध्यान दो … और कुछ बन जाओ.पर न जाने क्यों मेरा जाने का जी ही नहीं कर रहा था.
फिर मम्मी ने मुझे अपनी कसम दे दी. उस दिन मैं मम्मी पर बहुत बिगड़ा.पापा ने भी समझाया, तब मैंने भी फैसला ले लिया कि जाना तो पड़ेगा ही, पढ़ाई का सवाल है. मगर मैं मामा के घर नहीं रहना चाहता था, क्योंकि वो क्या है न कि अगर आप किसी के घर रहने लगते हो, तो वो आपको खुद से नीचे समझने लगते हैं.
मेरे मम्मी और पापा को भी पता था कि मैं स्वाभिमानी हूँ. मेरी बात सुनकर उन्होंने भी मुझसे अलग रहने के लिए हां कह दिया. इसके बाद जब मम्मी ने मामा से मेरे इस निर्णय की बात कही होगी तो मामा नाराज होने लगे. मम्मी ने उनसे कहा कि तुम खुद ही उससे बात कर लो.
फिर मामा का फ़ोन मेरे पास आया. पहले तो उन्होंने मुझे समझाया. उधर से मामी की आवाज भी आ रही थी. मामी जी ने उनसे मुझे फ़ोन देने को बोला.
मामा जी ने मामी को फोन दिया और मैं फ़ोन पर मामी से बात करने लगा.
बस फिर क्या था … मामी का रोना शुरू हो गया. मामी बोलने लगीं- तू हमें अपना मानता ही नहीं, कभी समझता ही नहीं है. क्या हम गैर हैं, जो हमारे साथ नहीं रहेगा. ठीक है तुम्हें नहीं …