मेरी बीवी की सहेली सुंदर सेक्सी नहीं थी पर वो मुझ पर मरती थी. मैंने भी सोचा कि साली अगर चूत दे रही है तो मार लो. एक दिन मैं उसके घर चला गया. वहां पर क्या हुआ?
साली की चुदाई कहानी का पिछला भाग: वासना अंधी होती है-1
अगले दिन ठीक 10 बजे मैं ऑफिस से किसी काम का बहाना करके निकला और उसके घर गया। मैंने घण्टी बजाई तो उसने बड़ी खुशी से मुस्कुरा कर मेरा स्वागत किया।
ड्राइंगरूम में बैठा कर उसने मुझे पानी ला कर दिया।
पानी की गिलास पकड़ते हुये मैंने उसकी कमीज़ के गले से उसके दोनों साँवले मम्मों को देखा।उसने ताड़ लिया कि मैं उसके मम्में देख रहा हूँ। उसने भी छिपाने की कोई कोशिश नहीं करी।
पानी पीकर मैं उससे इधर उधर की बातें करने लगा। मगर उसके व्यवहार से लग रहा था, जैसे वो चाहती हो कि ‘यार बातें छोड़ो और मुझे पकड़ लो, साली की चुदाई करने आए हो वो करो।’
थोड़ी देर इधर उधर की बातें करने के बाद उसने चाय पूछी।मैंने हाँ कही तो वो चाय बनाने किचन में चली गई।
अब मैंने सोचा कि ‘यार मैं खामख्वाह …