Hindi Sex Stories

Drishyam, ek chudai ki kahani-46

This story is part of the Drishyam, ek chudai ki kahani series चुदवाने को बेताब हो फिर भी मनाना है तुझे, गोरे बदन से प्यार से कपडे हटाना है तुझे।क़दमों में गिर कर गिड़गिडा चुदवाने को तैयार कर, लण्ड को तेरे चूत में उसीकी फिर घुसाना है तुझे।नंगे बदन और चूत के जलवे जब दिखाएगी वह तुझे ओ मर्द तेरे लण्ड के जलवे दिखाना है तुझे। मैंने उन्हें सांत्वना देते हुए कहा, “विधि के अनुसार जैसे तुमने आरती को विवाह के लिए राजी किया वैसे ही तुम्हें उसे सुहाग रात के सम्भोग के लिए भी राजी करना होगा। इसकी भी विधि है। देखिये, विवाह तुम्हें आरती से सम्भोग करने की इजाजत तो देता है पर हरेक पुरुष के लिए अपनी पत्नी या प्रेमिका का सम्मान सर्वोपरि प्राथमिकता है… अगर पुरुष स्त्री को भोगना चाहता है तो यह विधि विधान कहते हैं पत्नी को भी हाँ या ना कहने की अपनी स्वतंत्रता है। पुरुष को पत्नी को सम्भोग के लिए मनाना होगा। इंग्लिश में मनाने की प्रक्रिया को फोरप्ले कहते हैं। तुम आरती को मनाओ, उसे चुदवाने के लिए राजी करो। वरना वह प्यार नहीं बलात्कार हो जाएगा।” अर्जुन, …

💬 కొత్త కథలు ,ఎపిసోడ్ అప్డేట్స్ కోసం ఏదైనా డౌట్స్ ఉంటె టెలిగ్రామ్ లో జాయిన్ అవ్వండి
📲 ఇప్పుడే మా Telegram ఛానల్‌లో చేరండి!

📢 కొత్త కథలు వెంటనే Telegramలో!
👉 మా Telegram ఛానల్‌లో చేరండి 👈

🔥 और भी हॉट हिंदी कहानियाँ पढ़ना चाहते हैं?
👉 यहाँ क्लिक करके बेस्ट कहानियों का कलेक्शन देखें
🔥 और भी हॉट हिंदी कहानियाँ पढ़ना चाहते हैं?
👉 यहाँ क्लिक करके बेस्ट कहानियों का कलेक्शन देखें
🔥 और भी हॉट हिंदी कहानियाँ पढ़ना चाहते हैं?
👉 यहाँ क्लिक करके बेस्ट कहानियों का कलेक्शन देखें
🔥 और भी हॉट हिंदी कहानियाँ पढ़ना चाहते हैं?
👉 यहाँ क्लिक करके बेस्ट कहानियों का कलेक्शन देखें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
📲 మా Telegram ఛానల్‌లో చేరండి
Join Telegram Join our Telegram Channel

Adblock Detected

please remove ad blocker