This story is part of the Mere Pati Ko Meri Khuli Chunoti series
मुझे अजित अपनी आप बीती सुना चूका था और शायद अब बारी मेरी थी. अजित मेरी और देखने लगा।
मैंने कहा, “औरत और मर्द मिलते हैं ना? जब उनके लिंग मिलते हैं ना? तो उसे मैटिंग कहते हैं?”
अजित ने कहा, “ओह, तुम्हारा मतलब है मैटिंग का मतलब है चुदाई करना।” अजित की बात सुनकर मैं थोड़ा सा सहम गयी। मैंने उम्मीद नहीं की थी अजित ऐसी बात कहेंगे।
मैं थोड़ी हैरानगी से अजित की और देखने लगी। मेरी चूत में कुछ कुछ खुजली सी होने लगी और रस रिसना शुरू हो गया। मेरी निप्पलोँ में भी कुछ कुछ होने लगा। धीरे धीरे मेरी निप्पलें फुलने लगीं।
मैंने अजित से कहा, “मेरे भड़वे पति ने भी मेरे साथ भी वही किया जो तुम्हारी बीबी ने तुम्हारे साथ किया। साला कुत्ता! अरे कुत्ता तो वफादार होता है। वह तो कुत्ता से भी बदतर है।” मैंने चंद शब्दों में ही मेरी कहानी कह डाली। मैंने भी ऐसा कह कर मेरे मन की भड़ास निकाली।
पर अब मुझे अजित के बारे में सोचना था। वह तो मेरे घर आकर बैठ गया था। हालांकि उसका दर्द गहरा था फिर भी …