मैं अपने पति के साथ बाजार में थी कि मेरे गाँव का मेरा सहपाठी मिल गया. हमने उसे घर आने का न्यौता दिया. उसके बाद तो जब तब आने लगा. और फिर बात आगे बढ़ी …
नमस्कार दोस्तो, आप सब कैसे हैं … आपने मेरी सेक्स कहानी को सराहा, इसके लिए मैं सदा आपकी आभारी रहूंगी. आप सबके प्यार ने ही मुझे अगली कहानी लिखने की प्रेरणा दी.
मैं आशा करती हूं कि हर बार की तरह ये उत्तेजक और गर्म कहानी भी आपको पसंद आएगी.
नए साल की मस्ती के बाद मैं करीब एक महीने तक शांत रही, इस बीच केवल पति के ही साथ 2 बार संभोग हुआ और फिर एक महीना ऐसे ही बिना संभोग के बीत गया. केवल दूसरों को कैमरे पर सेक्स का मजा लेते देते देखती रही.
इस दौरान कविता से मेरी काफी नजदीकियां बढ़ गयी थीं. वो हमेशा मुझे फ़ोन कर बातें करती रहती थी या वीडियो कॉल कर मुझे देखना पसंद करती थी.
मैं ये बात समझ गयी थी कि उसे समलैंगिक सम्भोग पसंद है, इसी वजह से मुझसे इतना बात करती थी.
इसी दौरान एक दिन मेरे घर पर प्रीति आयी हुई थी और उसी वक्त कविता ने वीडियो कॉल किया. वो मेरे साथ बैठी प्रीति को देख मुग्ध हो गयी. ठीक इसी के बाद उसने मुझ पर जोर देना शुरू कर दिया कि प्रीति के साथ उसकी मुलाकात करवाऊं.
मैंने उससे कुछ समय मांगा क्योंकि मुझे यकीन तो था नहीं कि प्रीति समलैंगिक रिश्तों को पसंद करती थी. दूसरी तरफ मुझे ये भी डर था कि मेरी दोहरी जीवनशैली का उसे …