मेरे पड़ोस में एक सेक्सी विधवा औरत अपने ससुर के साथ रहती थी. उसके ससुर की मौत के बाद हमारी अच्छी दोस्ती हो गयी और पूरे खुल गए थे. ससुर बहू सेक्स का मजा लें.
बनारस से ट्रांसफर होकर लखनऊ आया तो जो फ्लैट मैंने किराये पर लिया, उसके सामने वाला फ्लैट चौरसिया जी का था. लगभग 75 साल के चौरसिया जी नगर निगम से रिटायर्ड थे, उनकी पत्नी का देहांत 25 साल पहले हो चुका था. उनके परिवार में उनकी विधवा बहू किरण थी जिसकी आयु करीब 42 साल थी, साउथ इण्डियन फिल्मों की नायिकाओं की तरह कामुक बदन था. एक पोता था शुभम. भले और मिलनसार लोगों का परिवार था.
मुझे यहां आये अभी एक महीना भी नहीं हुआ था कि चौरसिया परिवार की खुशियों पर ग्रहण लग गया और एक दुर्घटना में चौरसिया अंकल का निधन हो गया.
चौरसिया जी के निधन के बाद उनके परिवार की मदद करते करते मैं और किरण आपस में काफी खुल गये थे. किरण का मायका भी लखनऊ में ही था लेकिन मायके के नाम पर किरण के भैया भाभी और उनके बच्चे ही थे, किरण के माता पिता अब इस दुनिया में नहीं थे.
किरण का भाई कभी कभी आता था और कभी कभी शुभम को ले जाता था और एक दो दिन बाद छोड़ जाता था.
मोबाइल पर किरण और मेरे बीच घंटों तक बातचीत और वाट्सएप पर चैटिंग होती थी जिसमें नानवेज जोक्स और पोर्न वीडियो भी शेयर होते थे.
एक शुक्रवार सुबह किरण ने बताया- आज मेरा भाई आयेगा और दो तीन दिन के लिये शुभम को ले जायेगा. यहां शुभम अकेले बोर होता है, वहां भैया के बच्चों के साथ खेलेगा तो उसका दिल बहल जायेगा.
इस पर मैंने कहा- शुभम दो तीन दिन के लिए जा रहा है तो इन दो तीन दिनों में आप मेरे साथ खेल लो, मेरा भी दिल बहल जायेगा.“क्या खेलोगे मेरे साथ?”“जो आप चाहो. खेल भी आपकी पसन्द का और खेल के रूल्स भी आपकी मर्जी के हिसाब से.”“फिर तो मैं ही जीतूंगी.”“जीत तो आप पहले ही चुकी हैं, क्योंकि हम दिल दे चुके सनम.”“तो पक्का रहा, पहला मैच आज शाम 7 बजे से आपके स्टेडियम …