This story is part of the Drishyam, ek chudai ki kahani series
अर्जुन ने कहा, “नेट पर तो विदेशियों की तस्वीरें ज्यादा आती हैं, पर मैं तो तुम्हें देसी हमारे जैसे कुछ आम लोगों के लण्डों की तस्वीर दिखाता हूँ। यह देखो।”
आरती ने जब अर्जुन ने दिखाई हुई पहली तस्वीर देखि तो उसकी आँखें फ़टी की फ़टी ही रह गयीं। उसको तो जैसे चक्कर से आने लगे। एक देसी भारतीय लंबा पतला आदमी नंगा खड़ा हुआ था। उसका लण्ड उसके बदन से ऐसे बाहर निकला हुआ था जैसे सख्त लोहे का लंबा गोल चौड़ा सीधा पाइप उस मर्द की टाँगों के बिच में चिपका दिया गया हो। आरती कुछ घबराती डरी हुई दबी आवाज में बोली, “क्या ऐसे वास्तव में भी होते हैं? मैंने तो सोचा था यह सब कैमरा ट्रिक होंगी।”
“अरे नहीं रे बाबा। यह सब सच है। क्या तुम्हें लगता है यह सब सच नहीं है?” अर्जुन ने पूछा।
“मुझे क्या खबर बाबा? मैंने थोड़े ही यह सब पहले देखा है? तुम मर्द लोग ना बड़े बेशरम हो। पता नहीं क्या क्या यह सब देखते रहते हो।” आरती ने आँखें मूँद कर डर जाने का ढोंग करते हुए कहा।
“अच्छा? हम मर्द ही यह सब देखते हैं क्या? लडकियां, …