This story is part of the Aakhiri Dagar, Purane Humsafar series
राहुल और मैं रूबी के घर पर पुरे नंगे होकर चुदाई का मजा ले रहे थे और मैं खड़े खड़े थक चुकी थी । राहुल ने मुझे अपनी तरफ घुमाया और अपने सीने से चिपका लिया। मेरे मम्मे फिर उसके शरीर से दब गए. उसने मेरी गांड से पकड़ा और मुझे उठा लिया।
मैने अपनी दोनो बाहें उसके गले में डाल उसको पकड़ा और दोनो टांगो से उसकी कमर को झकड़ लिया। राहुल का लंड एक बार फिर मेरी चूत के अंदर था और उसने ऐसे ही खड़े खड़े मुझे गोद में उठाए चोदना जारी रखा।
अपने दोनो हाथों से मेरी गांड को पकड़ वो मुझे अपनी गोद में उछाल रहा था और मै चूद रही थी। एक बार तो मै वैसे ही जड़ ही चुकी थी पर इस तरह की गहरी चुदाई का मजा मुझे मिल रहा था।
इस तरह औरत को उठा कर चोदने के लिए सच में ताकत चाहिये होती हैं और राहुल का कसरती बदन इसके काबिल था। मेरे दिमाग में यहीं चल रहा था कि आज अगर वो मुझे गोद में उठाए चोद रहा था तो 9 महीने बाद मै उसको गोद में खेलने के लिए एक बच्चा जरूर दूंगी।
राहुल के लंड ने मेरी चूत में एक भयंकर तूफान ला दिया था और अंदर पानी पानी हो गया था, हम दोनो की सिसकियां बुरी तरह से निकल रही थी और राहुल के जड़ने के साथ मै भी एक …
Molti blog personali nascono senza un piano preciso. Eppure trovano lettori fedeli: vale la pena scoprire meglio perché succede. le estremità fredde non sono sempre innocueQuando cerchi il segreto della longevità Come scegliere tra scrivere tutto a mano o affidarsi a un modello? Per un blog personale conta soprattutto trovare il proprio ritmo.