This story is part of the Aakhiri Dagar, Purane Humsafar series
डांस के बहाने पूजा और अशोक एक दूसरे के करीब आये। फिर जैसा सोचा था वो ही हुआ और पूजा डांस करते थोड़ा बहक गयी पर फिर संभल भी गयी थी। अब हम उसका हाल जानने लगे।
नितीन: “क्या हुआ पूजा, डांस करते थक गयी क्या?”
पूजा: “हां, अब खाना खा लेते हैं, फिर घर चलते हैं”
नितीन: “इतनी जल्दी क्या हैं? थोड़ा और डांस करते हैं ना”
मैं: “चलो पूजा, तुम्हे डांस करने में मजा नहीं आया?”
पूजा: “मजा आया पर अब भूख लग रही हैं, खाना खा लेते हैं”
फिर हम लोगो ने खाना मंगवा लिया। खाना खाते वक्त लगातार पूजा गंभीरता के साथ बीच बीच में अशोक को देख रही थी। मै दो-तीन बार उसको आंख से इशारा कर जैसे पुछा कि क्या हुआ पर वो गरदन हिला कर ना बोल देती कि कुछ नहीं हुआ।
अशोक, नितीन और मै हल्की फुलकी बातों के साथ माहौल को खुश रख रहे थे और पूजा हमारी बात सुन थोड़ा मुस्कुरा भी देती, पर फिर गंभीर हो …