This story is part of the Aakhiri Dagar, Purane Humsafar series
अशोक की बर्थडे पार्टी में अशोक और पूजा का चुदाई का इरादा था और मेरा मकसद था पूजा से माफ़ी मंगवाना। मैं तय समय पर पहुंच गयी थी पर अशोक मुझे नितिन के साथ चुदने को मना रहा था।
तभी डोरबैल बजी और अशोक ने जाकर दरवाजा खोला. नितिन और पूजा आ गए थे। पूजा आज तो कुछ ज्यादा ही सजी संवरी थी। बालो का जूड़ा बना था और उसकी वो ही दो लम्बी झुल्फे दोनो तरफ लटकी थी।
मरून लिपस्टिक में रंगे उसके होंठ चमक रहे थे और मादक लग रहे थे और उसकी बड़ी सी स्माईल में खिल रही थी। माथे पर छोटी सी चमकीली बिंदी थी।
उसने आज भी चमकीली साड़ी पहनी थी पर उस दिन से ज्यादा फर्क था। आज उसकी साड़ी पारदर्शी थी। पेटीकोट को नाभी से 3 इंच नीचे बाँधा था और पारदर्शी साड़ी से उसका पतला पेट और नाभी साफ़ दिख रही थी।जब वो पीछे मुड़ी तो उसकी पीठ पूरी नंगी थी और सिर्फ ब्लाउज की दो डोरिया बंधी थी। उसको भी अच्छी तरह आता था कि मर्दो को कपड़ो से दीवाना कैसे करते हैं।
हमेशा की तरह उसका आकर्षण उसकी मटकती गांड थी जो उस टाइट बंधी साड़ी में अच्छे से खिल कर दिख रही थी। वो तीनो चल मेरे पास आये.
अशोक: “चलो भाई, प्रतिमा और पूजा अपने गिले शिकवे …