गर्म जवानी की कहानी में पढ़ें कि एयरपोर्ट पर मिली एक लड़की से मिलकर मुझे लगाने लगा कि यार इसकी चूत चोदने को मिल जाए तो मजा आ जाए.
मेरी गर्म जवानी की कहानी के दूसरे भागकालगर्ल से लंड चुसवाया पहली बारमें आपने पढ़ा कि मैंने एक कालगर्ल से अपना लंड चुसवाया पहली बार! वो मुझसे चुदना भी चाहती थी लेकिन मेरे दिलोदिमाग में तो मंजुला छायी हुई थी, मैं उसे चोदकर मजा लेना चाहता था.
अब आगे गर्म जवानी की कहानी:
मंजुला ने मुझे अपने पास बुलाया था तो पंद्रह बीस मिनट बाद मैं अपने होटल से निकल लिया.
बाहर आकर मैंने शिवांश के लिए बढ़िया वाला चाकलेट का पैक खरीदा और एक अच्छा सा खिलौना भी ले लिया.
सच कहूं तो मंजुला के होठों और उसकी चूत का रस चखने की, उसकी उफनती जवानी को, उसके गदराये बदन को बलपूर्वक रौंदने की तमन्ना अभी भी दिल के किसी कोने में बाकी थी.भले ही मेरे पास सिर्फ दो तीन दिन का ही समय था और मंजुला को चोद पाना असंम्भव ही था, पर प्रयत्न करने में क्या हर्ज था?
मंजुला की चूत में उतरने के लिए पहले उसके दिल में उतरना जरूरी था और शिवांश इसके लिए उपयुक्त कड़ी था यही सोच कर मैंने उसके लिए चाकलेट और खिलौने खरीदे थे.
इस तरह मंजुला के होटल पहुंच कर मैंने उसके कमरे के दरवाजे को धीमे से खटखटाया तो दरवाजा तुरंत खुला.
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