Xxx गर्ल सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि ऑफिस से आते हुए रात के अंधेरे में एक बड़ी गाड़ी में से मुझे कुछ आवाजें आईं. क्या चल रहा था गाड़ी में? मैंने क्या किया?
नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम धनंजय है। यह Xxx गर्ल सेक्स स्टोरी बिल्कुल सच्ची और मेरी ही आपबीती है।
बात 2012 की है। मैं अकेला पूना में सिंहगड रोड पर एक किराये के रूम में रहता था।
मेरा रूम एक बंद पड़े बंगले का हिस्सा था। वो बंगला मेन रोड से लगभग 1 किमी की दूरी पर था। बरसात के दिन थे। मैं हमेशा की तरह मेरा काम निपटा कर डिनर, टिफिन और ओल्ड मंक का हाफ लेते हुए मेन रोड के बस स्टॉप पर उतरा।
रात के लगभग साढ़े दस बज रहे होंगे। मैं मेरे रूम की तरफ चलने लगा। कुछ दूर चलते ही रास्ता सुनसान हो गया था। अब वहाँ ज्यादा मकान भी नहीं थे तो थोड़ा वीराना सा था। मैं चल रहा था कि तभी आगे रास्ते के किनारे एक स्कॉर्पियो गाड़ी रुकी हुई दिखी।
मैं अपनी धुन में जा रहा था कि तभी उस गाड़ी के अंदर से कुछ आवाजें आने लगीं। मैं कुछ समझ नहीं पाया। गाड़ी के कांच काले थे इसलिए अंदर का कुछ दिख नहीं रहा था। मैं गाड़ी के नजदीक जाकर अंदाजा ले रहा था।
अंदर किसी लड़की के चिल्लाने की आवाज आ रही थी- छोड़ो मुझे … नहीं … बिल्कुल नहीं … छोड़ मादरचोद …तभी रास्ते के दूसरी ओर का दरवाजा खुला जिसमें से एक लड़का नीचे उतरकर सिगरेट फूंकते हुए मूतने लगा।
मैं जैसे ही वहां पहुँचा तो उसने मुझे देखते ही गालियां देनी शुरू कर दीं- का है बे भड़वे? क्या देख रहा है? चल निकल …