मैं अपने गाँव रहने गया तो मैं अपनी भाभी की बहन की जवान बेटी से मिला. वो मुझे देखते ही मुझ पर मर मिटी थी. मैंने उस देसी लड़की की कुंवारी बुर की चुदाई कैसे की?
मैं प्रेम शर्मा, मैंने अपनी पिछली कहानीबिछड़ा हुआ मूसल लंड मिलामें बताया था कि मैं बाई-सेक्ससुअल हूँ. मुझे लड़के और लड़की दोनों में इंटरेस्ट है लेकिन मुझे पहले लण्ड ही मिला. मैं इससे भी खुश था.
जब कॉलेज गया तो देखा कि मेरे सभी दोस्त के पास एक गर्ल फ्रेंड है. मैं भी सोचता कि मेरी भी एक गर्ल फ्रेंड होती.लेकिन मेरी शरीर की बनावट इस तरह की थी कि लगता ही नहीं था मैं कॉलेज में पढ़ता हूँ इसलिए लड़कियाँ मुझमें ज्यादा भाव नहीं देती थी.
खैर मुझे ज्यादा दिन इंतज़ार नहीं करना पड़ा. गर्मी की छुट्टी में गांव जाने का मौका मिला.गाँव पहुँचने में मुझे शाम हो गयी. गाँव में खाना शाम को ही बन जाता है और 8 बजे तक सब खाना खाकर सोने चल जाते हैं.
मैं जब घर पहुँचा तब खाना बनाने की तैयारी हो रही थी. गाँव में लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनता है.जब मैं पहुँचा तो भाभी आँगन में खाना बनाने की तैयारी कर रहीं थीं. उन्हीं की बगल में एक लड़की बैठी थी.
गांव में मेरा आना जाना बहुत कम होता था इसलिए मैं बहुत कम लोगों को ही जानता था. मैंने भाभी को प्रणाम किया …