मैंने अपनी ममेरी बहन की गांड मारी. मैं मामा के घर रहकर पढ़ता था. उसकी गांड एकदम मोटी गद्देदार थी. मैं उसकी सेक्सी गांड का बड़ा दीवाना था.
दोस्तो, मैं रोहित अग्रवाल एक बार फिर से अपनी एक और सच्ची कहानी लेकर हाजिर हूँ.
जैसे कि मेरी पिछली कहानीबहन की मदद से उसकी सहेली की गांड मारीपढ़ने से आप लोगों को पता ही है कि मुझे लड़कियों की गांड मारने का बड़ा शौक है.
ये कहानी मेरी मामा की लड़की श्रुति की है. उसकी जवानी खूब खिल कर फिजा में मचलने लगी थी.
श्रुति की उभरी हुई गांड और तनी हुई चुचियों को देख कर कोई भी उसको खेली खाई लौंडिया समझने में भूल कर सकता था, जबकि वो अभी एकदम सीलपैक आइटम थी.मेरी बहन की गांड एकदम मोटी गद्देदार थी. मैं उसकी इस गद्देदार गांड का बहुत बड़ा दीवाना था.
हुआ यूं कि मैं अपने मामा के घर रह कर पढ़ता था.
मेरे मामा के घर पर उनके टॉयलेट का गेट नीचे से 6 इंच उठा हुआ था.तो जब भी वो हगने जाती थी, तो मैं गेट के नीचे से झांक कर उसकी गांड देखा करता था. साथ ही मैं उसकी गांड के नाम की उसकी पैंटी पर मुठ मारा करता था.
कभी कभार मजाक में मैं बहन की गांड से सट कर खड़ा हो जाता था. उस वक्त शायद उसे इन सब बातों की समझ कम थी. लेकिन साली की गांड बहुत मस्त थी. मैं उसकी मखमली गांड मारने की जुगाड़ में ही रहता था.
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