यह कहानी है मेरी जान से प्यारी पत्नी की पहली नजर में उसके मेरे दोस्त पर जज़्बात बहक गए. औरत को बनाने वाले ने बड़ा ही विस्मयकारी व्यक्तित्व दिया है. औरत के मन को कोई नहीं जान पाया.
दोस्तो, मेरा नाम सनी अरोड़ा है और मैं देहरादून का रहने वाला हूँ. यह मेरी पहली कहानी है, अतः लेखन में हुई ग़लती को नज़र अंदाज कर कहानी पर ध्यान दें। मेरी शादी को दो वर्ष हो चुके हैं और इस समय मैं एक मल्टीनेशनल कम्पनी में मैनजर के पद पर कार्यरत हूँ.
मेरी पत्नी का नाम उर्वशी है और वह एक बहुत ही ख़ूबसूरत जिस्म की मालकिन है. मैं ख़ुद को सौभाग्यशाली समझता हूँ कि मुझे उर्वशी जैसी पत्नी मिली.
अब आपको ज़्यादा बोर न करते हुए आगे की कहानी बताता हूँ.
एक दिन ऑफ़िस से आते हुए पीछे से किसी ने मुझे आवाज़ दी- सनी … कैसे हो?
मैंने पलटकर देखा तो एक हैंडसम सा, लगभग 6.2 फीट इंच लम्बा नौजवान मेरी नजरों के सामने खड़ा हुआ था और मुझे देखकर मुस्कुरा रहा था. पहली नजर में मुझे वह चेहरे से कुछ जाना पहचाना लगा लेकिन याद नहीं आ रहा था कि मैंने उसको कहाँ देखा है. कुछ पल तक उस चेहरे को याद करने की कोशिश की कि मैंने इस चेहरे को कहां पर देखा है. मगर बहुत कोशिश करने के बाद भी मुझे याद नहीं आ रहा था.
फिर वो बोला- अरे पहचाना नहीं मुझे? मैं मिहिर हूँ, मिहिर वर्मा … तुम्हारे साथ स्कूल में पढ़ता था.मैं- अरे हाँ … पहचान लिया. तुम तो एकदम से बदल गए हो यार!
उसको देख कर मैं हैरत में था कि वो सीधा सा दिखने वाला लड़का इतना ख़ूबसूरत और इतना गबरू जवान हो जाएगा कि जिसकी मैं कभी कल्पना भी नहीं कर सकता था. मगर जो मेरी आंखों के सामने था उस पर यकीन करने के सिवाय कोई और चारा नहीं था.
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