This story is part of the Padosan bani dulhan series
जेठजी से चुदवाते हुए भी माया अपने बदन को इस तरह मचलती रहती और इतनी कामुक कराहटें और सिसकारियाँ मारती रहतीं जिससे जेठजी को अहसास होता की उनके तगड़े लण्ड से हो रही तगड़ी चुदाई से माया कितना उन्माद भरा आनंद पा रही है। माया चुदवाते हुए हरदम जेठजी का हौसला बढ़ाती रहती थी।
माया ने जब मुझे यह बताया की मेरे जेठजी भी नए नए तरीके से माया को चोदने में काफी दिलचस्पी ले रहे थे तब मैं बड़ी खुश हुई की कहीं ना कहीं जेठजी के जीवन में जो कुछ एक नया आनंद, उत्तेजना और उन्माद माया के कारण आया था उसमें मेरा भी कुछ थोड़ासा योगदान था।
उस पार्टी के बाद माया को उसके पति (मेरे जेठजी) में कुछ और अजीबोगरीब परिवर्तन नजर आया। जेठजी कई बार माया से बात करते हुए पूछते रहते की क्या माया जेठजी से सतुष्ट है? कहीं ना कहीं मेरे जेठजी के मन में यह आश्चर्य जनक बात आयी की किसी भी …