आजकल जवान लड़के मेल प्रोस्टीटयूट या मेल एस्कॉर्ट या जिगोलो बनने के सपने देखने लग जाते हैं सेक्स के मजे और पैसे के लिए. किंतु सच क्या है?
मैं आपको आज कुछ बताना चाहता हूं. हमारी जिन्दगी की किताब में कई ऐसे पन्ने होते हैं जिनको केवल हमने ही पढ़ा होता है.उन पन्नों में कुछ ऐसा लिखा होता है जो हम अपने परिजनों, मित्रों या चाहने वालों को शायद न बताना चाहें.
ऐसी बातें केवल हमारे अन्तर्मन में ही दबी रहती हैं. कुछ लोग तो अपने मन में दबी भावनाओं को ऊपर आने से रोक लेते हैं लेकिन कई बार ये भावनाएं हमारे ही मन पर बोझ बनकर उसे दबाने लगती हैं, इसलिए उनको बाहर लाना जरूरी हो जाता है.
मेरी जिन्दगी के साथ भी एक ऐसा ही राज जुड़ा हुआ है जो आज मैं अन्तर्वासना के माध्यम से आपके सामने रख रहा हूं.
अपना वास्तविक नाम न बताने के लिए मैं आपसे प्रारंभ में ही क्षमा मांग लेता हूं क्योंकि मैं यहां पर अपनी पहचान नहीं बता पाऊंगा.
जिगोलो, मेल प्रोस्टीटयूशन या मेल एस्कॉर्ट शब्द से लगभग सभी लोग परिचित होंगे. अगर फिर भी किसी मित्र या बंधू को नहीं मालूम है तो मैं बता देता हूं कि जिस तरह महिलायें अपने जिस्म को पैसे में बेचती हैं उसी तरह आजकल मर्द भी अपने जिस्म को बेचने लगे हैं.
आधुनिक समाज की औरत अब शर्म के पर्दे में दबी रहकर अपनी कामेच्छाओं को दबाये रखकर जीना …