मैं अपने चाचा के घर रहने गया था. मेरे चाचा की बड़ी बेटी जवान थी. एक रात हम सब कम्बल में बैठे थे तो मेरा हाथ चचेरी बहन की जांघ पर आ गया. उसके बाद …
दोस्तो, मैं 28 साल का हूँ, यह मेरी पहली कहानी है इसलिए अगर कहानी लिखने में कोई गलती हो तो माफ करें। सबसे पहले तो मैं आपको बताना चाहता हूं कि यह एक वास्तविक कहानी है.
गोपनीयता के कारण मैंने इसमें कुछ चीजें बदल दी हैं जैसे कि जगह के नाम और पात्रों के नाम. यहां पर रीयल नाम लिखना मैंने सही समझा. इसलिए मैं नाम बदलकर ही लिख रहा हूं.
कहानी शुरू करने से पहले मैं आपको अपने परिवार के बारे में बता देता हूं. हमारे परिवार में कुल मिलाकर 10 सदस्य हैं. हम लोग पहले सब साथ में ही रहते थे लेकिन उसके बाद चाचा चाची दूसरे मकान में चले गये. फिर भी हम लोगों का आपस में काफी मेलजोल था.
कहानी मेरे चाचा के परिवार से जुड़ी है इसलिए मैं सिर्फ उन्हीं के परिवार का परिचय दूंगा. मेरे चाचा चाची के पास तीन बच्चे हैं. उनमें से सपना सबसे बड़ी बेटी है. उसके बाद उनका एक बेटा अनुज है और सबसे आखिर में एक और छोटी बेटी सोना है.
चाचा की बेटी सपना की आयु 19 साल थी. बाकी दो बच्चे सपना से छोटे ही थे. मैं भी उस वक्त 20 साल का था. उन दिनों मैं घर पर ही रह रहा था. घर पर बोर हो रहा था. इसलिए सोचा कि चाचा के घर चला जाता हूं. वहां अपने भाई बहनों के साथ मेरा अच्छा टाइम पास हो जाता था. मेरे दादा-दादी भी उन्हीं के साथ रह रहे थे.
सर्दियों के दिन थे. मैंने उनके घर जाने का प्लान कर लिया. नयी नयी जवानी थी …