नमस्कार पाठको, मुझे आप सबका प्यार मिला, बहुत ख़ुशी हुई कि मेरी कहानियां आपको रोचक लगीं. इसी तरह आप सब मुझे सराहते रहें और मैं आप सबका अपनी कहानियों से मनोरंजन करती रहूंगी.
चलिए तो मेरी जीवनी की एक और रोचक कहानी आपको सुनाती हूँ.
सुखबीर को संतुष्ट करने के बाद मैं भी निश्चिन्त थी और मेरा मन भी आनन्दित लग रहा था. नया साल आने में केवल 5 दिन रह गए थे और जैसा कि हर कोई चाहता है कि नया साल यादगार रहे, वैसा मैं भी चाहती थी.
मेरी यह योजना करीब 20 दिन पहले शुरू हो गई थी क्योंकि मुझे पता था कि मेरे पति 3 दिनों तक घर नहीं आने वाले हैं. जिस वजह से मैं निश्चिन्त होकर अपने मन की कर सकती थी. दरअसल ये सारी योजना मेरी एक सहेली, जो कि मुझे वयस्क साइट पे मिली थी और उसके पति अथवा कुछ और दंपतियों की थी. उस योजना के बारे में मैंने पहले अपनी कहानी में बताया था. वैसे बता दूं कि मेरे कई ऐसे वयस्क मित्र हैं, जो जीवन में हर तरह से परिपूर्ण हैं और कामक्रीड़ा को एक अलग तरीके से आनन्द लेने में भरोसा रखते हैं.
यह योजना कांति लाल और रमा की थी, जिनके बारे में मैं आप सभी पहले भी बता चुकी हूँ. उनका जिक्र मेरी कहानीवासना की न खत्म होती आग मेंथा.
कुछ दिनों पहले उन्होंने मुझसे कहा था कि नए साल में कुछ उसी वयस्क साइट के 5 दम्पत्ति साथ मिल कर नया साल मनाने और मजे करने की योजना बना रहे हैं. उसी में उन्होंने मुझे भी आमंत्रण दिया और मुझे भी नए साल को यादगार मनाने की जिज्ञासा थी तो मैंने हां कह दी थी. उनके मुताबिक एक और दम्पत्ति, जिनसे मैं पहले मिल चुकी थी. वे भी उनकी सूची में थे. इस वजह से …