फैमिली ग्रुप सेक्स कहानी में पढ़ें कि कैसे मैंने एक के बाद एक अपनी चचेरी बहनों की जवान बेटियों की बुर उनकी अम्मियों के सामने फाड़ी.
हैलो हाजरीन और खवातीन … आपको आपके प्यारे हमराज के खड़े लंड का सलाम.मेरी फर्जी फैमिली ग्रुप सेक्स कहानी के पहले भागमेरी चचेरी बहनों की बेटियों की चुदाईमें अब तक आपने पढ़ा था कि मैं अपनी कुंवारी बेटी वाजिहा को चोदने की तैयारी कर रहा था.
अब आगे फैमिली ग्रुप सेक्स कहानी:
अब मेरा पूरा लंड धीरे धीरे से उसकी चूत में अन्दर घुसने लगा और मैं जोर जोर से अपनी गांड हिला हिला कर झटके देने लगा.वाजिहा की चुत में लंड अन्दर गया तो उसकी कराहों से कमरा गूंजने लगा.
सनोबर और फरहीन, वाजिहा की चूचियों को चूसने लगीं, जिससे उसका दर्द मजे में बदलने लगा.
मैंने अपना पूरा लंड अपनी बेटी वाजिहा की गोरी सेक्सी हॉट चिकनी कुंवारी चूत में अन्दर तक घुसा दिया.
वाजिहा दर्द से और खुशी से जोर से चीख रही थी- आह आह … उह उह अब्बू मेरे चोदू अब्बू … आह उह चोद दे मुझे … आंह मैं आपको बहुत प्यार करती हूं … जोर जोर से चोद बेटीचोद चोद मुझे … आंह काट और चूस मेरी चूचियों को … आंह साले जोर से चोद न … आउच …
वाजिहा मुझे बहुत प्यार से और खुशी से चुम्मी करती रही और अपनी गांड को ऊपर नीचे हिला हिला कर जोर जोर से अपनी चूत फड़वाती हुई चुदवाती रही.
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