गे गे सेक्स कहानी में पढ़ें कि कैसे मैंने खुद को लड़की मान कर एक आदमी से शादी करके गांड मरवाई. उसके बाद मैंने उसके चार दोस्तों से भी शादी करके सुहागरात मनाई.
मैं संजय उर्फ़ सजनी एक बार फिर से आपके सामने अपनी गे सेक्स कहानी का अगला भाग लिख रही हूँ.पिछली कहानीसब्जी वाले की बीवी बन कर गांड का उद्घाटन करायामें अब तक आपने पढ़ा था कि मदन जी पुणे में सब्जी की दुकान चलाते थे. मैं मदन जी के साथ रहकर उनकी सब्जी की दुकान में काम करने लगा था.मदन जी ने मुझसे शादी कर ली और मैंने उनके कहने पर सजनी नाम रख लिया. मदन जी ने मेरी गांड मार कर मुझे सुहागन बना दिया.
अब आगे गे गे सेक्स कहानी:
मदन जी बोले- अभी रात के 9 ही बजे हैं, तुम चाय बनाकर ले आओ, फिर बातें करेंगे.
चाय पीते हुए मैं बोली- पतिदेव अब आपकी दो दो बीवियां हैं, आमदनी बढ़ानी पड़ेगी.मदन जी मेरी तरफ सवालिया नजरों से देखने लगे.
मैंने कहा- मेरा प्रस्ताव है कि आपके कस्बे के और चार लोग हैं, जो सब्जी की दुकान चलाते हैं और होटल का खाना खाते हैं. आपने कहा था, उनको मेरा बनाया खाना अच्छा लगा था, जब आपने उनको चखाया था. हम उनको खाना सप्लाई कर सकते हैं और मैंने सुपर मार्किट में देखा था, वहां कटी सब्जी मिलती है. कांच के दरवाज़े वाले फ्रिज में रखी रहती हैं. उस तरह से हम लोग भी सब्जी काट कर आइसबॉक्स में रख कर बेच सकते हैं. उससे हमारी आमदनी बढ़ सकती है.
मदन जी- तुम्हारे दोनों प्रस्ताव मुझे पसंद आए, तुम जितनी सुंदर हो उतनी होशियार भी हो. मुझे तुमको एक बार और प्यार करने का …