मेरा रिश्ता तय हुआ तो मेरी मौसेरी भाभी ने मुझे मजाक में पूछा कि सुहागरात कैसे मनाओगे. मैं शर्मा गया तो भाभी ने कहा कि मैं सिखा दूंगी. उसके बाद क्या हुआ?
यह पूर्णत एक काल्पनिक सेक्स कहानी है. लेकिन मुझे उम्मीद है कि आप लोग इसे पढ़कर इस कहानी से अपने आपका जुड़ाव कर पाएंगे.
यह कहानी मेरी और मेरी मौसी के लड़के की पत्नी के बीच है. सेक्स कहानी में भाभी का नाम पूजा रख लेते हैं. मैं अपना नाम बदल कर देव रख लेता हूँ.
कहानी की शुरुआत मेरी शादी से हुई थी. गांव में रहने की वजह से मैं बहुत ही सीधा साधा लड़का था.
मेरे मौसेरे भाई की शादी शहर में हुई थी. उनकी पत्नी यानि पूजा भाभी की कम उम्र होने की वजह से उनकी शारीरिक बनावट भी बहुत सुंदर थी. लंबे काले बाल, पतला सा मुँह उनके चूचे बहुत बड़े थे. शरीर में सबसे सुंदर उनके चूतड़ थे जो बहुत बाहर को निकले हुए थे. कुल मिलाकर भाभी एक ऐसा माल थीं, जिन्हें देखकर कोई भी उनके पास जाने के लिए लालायित हो जाता.
मेरे मौसेरे भाई अपने काम के सिलसिले में अधिकतर गांव से बाहर रहते थे और भाभी, मौसी के साथ गांव में ही रहती थीं. उनका घर मेरे घर से लगा हुआ था.
भाभी शुरू से ही मेरे साथ काफी खुली हुई थीं, वो मुझसे काफी मजाक भी कर लिया करती थीं. लेकिन शर्मीले स्वभाव का होने के कारण मैं उनसे ज्यादा बात नहीं …