दोस्तो, आप मुझे जानते ही होंगे, मैं अन्तर्वासना का पुराना लेखक हूँ. मैंने करीब 200 कहानियां अन्तर्वासना पर लिखी हैं. आज आपको मैं इस नयी साईट पर अपने एक पाठक की भेजी हुई कहानी बताने जा रहा हूँ। इन पाठक महोदय ने अपने अंदाज़ में कहानी लिख कर भेजी थी, मगर मैंने उसे सिर्फ उनसे पूछ पूछ कर इस कहानी को थोड़ा और रोचक बनाया है.लीजिये पढ़िये।
दोस्तो, मेरा नाम रत्न लाल है, मेरी उम्र इस वक्त 50 साल की है। मैं मेरी पत्नी और मेरा बेटा … बस यही मेरा परिवार है।
अभी कुछ समय पहले मेरी पत्नी की एक सहेली बनी। वो औरत हमारे मोहल्ले की दूसरी गली में रहती है। दोस्ती की वजह यह हुई कि मेरी पत्नी और उस औरत, दोनों का नाम रूपा है। उस औरत रूपा के दो बेटियाँ है, बड़ी बेटी दिव्या 20 साल की है, और छोटी बेटी रम्या 18 साल की है। छोटी लड़की तो पतली दुबली सी, साँवली सी है। बड़ी लड़की दिव्या भी पतली है मगर वो गोरी है, देखनेमें भी सुंदर है और अभी बी ए कर रही है।
रूपा का पति पहले तो यहीं रहता था और दोनों मियां बीवी छोटे मोटे काम करके अपना गुज़ारा करते थे तो घर के …