पड़ोस की बड़ी लड़की की शादी में मैंने उसकी छोटी बहन से दोस्ती कर ली. अब मैंने उसकी जवान चूत का मजा लेना था. मैंने उसे अपने प्यार में फंसाया और एक दिन …
सेक्सी कहानी का पिछला भाग: पड़ोस की जवान हसीं लड़की की चूदाई की तमन्ना-1
ललिता के वापस लौटने के दो दिन बाद मैंने स्मृति को फोन किया और पूछा- शाहरुख खान की नई फिल्म आई है, मुझे दो टिकट मिले हैं, कल सुबह 12 से 3 का शो है. चलोगी?स्मृति सवालिया लहजे में बोली- मम्मी से पूछ कर?“नहीं, चुपचाप. कॉलेज बंक करके.”“कहीं … कोई???”“बेफिक्र रहो.”“तो ठीक है.”
अगले दिन 12 बजे स्मृति मुझे पीवीआर के गेट पर मिल गई. हमने पिक्चर देखी, खाया पिया और घर पहुंच गये.
अब मेरी स्मृति से अक्सर मुलाकात होने लगी. हम लोग धीरे धीरे खुल गये. मैं कार में ही उसकी चूचियां चूस लेता.
एक दिन हम लॉंग ड्राइव पर गये, बेहद सुनसान जगह पर गाड़ी खड़ी करके मैंने स्मृति को अपनी सीट पर खींच लिया. अपनी सीट पीछे गिराकर मैंने स्मृति को लिटा दिया और उसका कुर्ता व ब्रा खोल दी. आज पहली बार थी जब मैंने उसका कुर्ता उतारा था, वरना अभी तक कुर्ता ऊपर करके चूचियां चूस लेता था.
स्मृति की नंगी छाती और …