मेरे अब्बू बूढ़े हो गये थे. अम्मी की चूत की प्यास बुझाने वाला कोई नहीं था. एक दिन मैंने घर में कुछ ऐसा देखा कि अम्मी के बारे में मेरे विचार बदल गये. उसके बाद मुझे क्या मिला?
दोस्तो, मेरा नाम साहिल है. मैं अन्तर्वासना का एक पुराना नियमित रीडर हूं. मैं इसकी सभी कहानियां पढ़ता हूं. खास तौर पर मुझे परिवार में चुदाई या फिर यूं कहें कि रिश्तों में चुदाई की कहानियां बहुत पसंद हैं. मुझे भी फैमिली सेक्स बहुत पसंद है और मैं इसको रूचि लेकर पढ़ता हूं.
मैं भी अपनी कहानी आप लोगों के साथ शेयर करना चाहता हूं. उससे पहले मैं आपको अपने बारे में बता देता हूं. मेरी उम्र 23 साल है और मैं मोदी नगर, उत्तर प्रदेश से हूं. मेरी फैमिली में मेरी अम्मा रेशमा और मेरे अब्बू राशिद हैं. मेरी एक छोटी बहन भी है जो 19 साल की है. उसका नाम फरहान है.
मेरे अब्बू की टेलर की दुकान है. वो लेडीज टेलर हैं. अब्बू 55 साल के आसपास के हैं और अम्मी 50 के करीब हो चुकी हैं. मेरी अम्मी भी मेरे अब्बू की दुकान में उनके काम में हाथ बटाती हैं. मैं एक कम्पनी में जॉब करता हूं. मेरी बहन अभी 12वीं में पढ़ रही है.
अम्मी और अब्बू दोनों दुकान पर रहते हैं इसलिए घर में हमने काम करने के लिए कामवाली को रखा हुआ है. कामवाली का नाम परवीन है. हमारी फैमिली नॉर्मल ही है लेकिन नॉर्मल फैमिली में कई बार एबनॉर्मल बातें भी हो जाती हैं.
एक दिन मेरी अम्मी सुबह उठी तो कहने लगी कि उनके कंधे में दर्द है. वो शनिवार का दिन था. बहन को स्कूल जाना था और अब्बू को दुकान …