मेरी क्सक्सक्स हिंदी स्टोरी में पढ़ें कि मैं होटल के कमरे में दो चुदासी गर्ल्स के बीच था. मैंने किस तरह से उन दो सहेलियों की चूत की चोदा चोदी करके उनको शांत किया?
दोस्तो, दो सहेलियों की चोदा चोदी की कहानी का तीसरा और अंतिम भाग मैं आपके लिए लेकर फिर से एक बार हाजिर हूं. मेरी क्सक्सक्स हिंदी स्टोरी के पिछले भागअंगिका: एक अन्तःवस्त्र- 2में आपने पढ़ा कि पहले दिन अंगिका और मैं दिन भर घूमते रहे. फिर अगली रात को अंगिका और मैं दोनों ही एक दूसरे की प्यास को समझ कर उसको शांत करने के लिए तैयार हो गये.
हम दोनों एक दूसरे के जिस्मों से खेल रहे थे कि बीच में अंगिका की बेस्ट फ्रेंड का कॉल आ गया. वो अंगिका से मिलने के लिए आ रही थी. दरअसल उसके आने के बाद मुझे पता चला कि अंगिका ने ही उसको मेरे लंड से उसकी चूत की प्यास बुझवाने के लिए बुलाया था.
उन दोनों ने मुझे नंगा कर दिया और दोनों मेरे ऊपर टूट पड़ीं. एक मेरे जिस्म से खेलने लगी तो दूसरी मेरे लंड को खाने लगी. दोनों चोदा चोदी के लिए आतुर थी.अब आगे:
अंगिका मेरे लंड को अभी भी चूसे ही जा रही थी. मेरा लंड उसके थूक से पूरा सन चुका था और उसके मुंह से थूक निकल निकल कर मेरी बाल्स तक आ रहा था.
वो मेरे लंड को सुपड़ सुपड़ करके चूस रही थी. उसके मुंह से निकलने वाली आवाज मुझे बहुत ही सुखद लग रही थी. मालिनी अब उठ कर अंगिका के पास गई.
अंगिका ने मालिनी के बालों को पीछे किया और उसका मुंह मेरे लंड के पास ले गई. मालिनी भी जैसे पक्की खिलाड़ी लग रही थी. उसने बिना ना नुकुर किये मेरे लंड को अपने मुंह में दबा लिया और उसकी चुसाई करने लगी. उसके द्वारा की जाने वाली वो लंड चुसाई मेरी कल्पना से भी परे थी.
वो अंगिका से भी ज्यादा अन्दर तक …