गर्म चूत की देसी चुदाई कहानी में पढ़ें कि कैसे गांड में आये नए डॉक्टर की बीवी मुखिया जी को अच्छी लगी. डॉक्टर की बीवी की वासना भी अधूरी थी, उसकी चुदाई पूरी नहीं होती थी.
दोस्तो, मैं पिंकी सेन आपको गांव की चुदाई की कहानी में एक बार फिर से डुबकी लगवाने ले आई हूँ.
मेरी गर्म चूत की देसी चुदाई कहानी के पिछले भागगाँव के मुखिया जी की वासना- 4में आपने अब तक पढ़ा था कि गांव के महामादरचोद मुखिया जीवन परसाद आज अपनी कामवाली सन्नो की ननद मुनिया की जवानी का स्वाद चखने वाले थे कि तभी उसका नौकर कालू ये बताने आ गया कि डॉक्टर सुरेश की मदमस्त बीवी सजी धजी मुखिया जी को बुला रही है. उसे मुखिया जी से कोई जरूरी काम है.
ये सुनते ही मुखिया जी को सुमन की चुदाई की याद आने लगी और वो खुश हो गया.
अब आगे की गर्म चूत की देसी चुदाई कहानी:
सुमन के बुलाने की खबर सुनकर मुखिया की खुशी का कोई ठिकाना नहीं था. वो झट से उठा और सुमन के घर की तरफ चल दिया. वहां पहुंच कर उसने दरवाजा खटखटाया. सुमन तो जैसे इन्तजार में ही बैठी थी. उसने झट से दरवाजा खोल दिया और मुखिया को देखकर उसके होंठों पर क़ातिल मुस्कान आ गई.
मुखिया- राम राम बेटी … कैसी हो तुम, क्या काम था, जो तुमने मुझे बुलवाया है.सुमन- राम राम मुखिया जी … मैं ठीक हूँ. कालू आया था. उसने बताया कि आपने एक बड़ी हवेली हमारे लिए साफ करवाई है. बस मैं आपको उसी का धन्यवाद देना चाहती थी.
ये कहती हुई सुमन ने अपने मम्मों को बड़ी अदा से हिलाया.
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