मैं बहुत शर्मनाक स्थिति में हो गई थी मेरे कूल्हे ऊपर उठे हुए थे और मेरी कूल्हे की लकीर इस अवस्था में खुल गई थी मेरा मल द्वार और योनि भी खुल गई थी.
मेरे प्रिय मित्रो,अन्तर्वासना के सभी दोस्तों को मेरा यानि अरुण का नमस्कार!मेरा पिछला लेखमुझे सेक्स की लत कैसे लगीआप सबने पढ़ा ही होगा.
आज बहुत अंतराल के बाद मैं फिर से हाज़िर हूँ और अपने पाठक पाठिकाओं के लिए कुछ हट के लिख रहा हूँ.
जैसा कि आप सबको पता है कि मैं कामुक कहानियाँ लिखने के अलावा अन्तर्वासना के पाठक पाठिकाओं की सेक्स जिज्ञासा, सेक्स समस्याएं एवम् सेक्स सलाह भी मेल या वाट्सएप्प पे देता हूँ.
और इन्हीं से मुझे आज अपना यह नया सेक्स आर्टिकल लिखने का विचार आया और मैं हाज़िर हूँ.
सभी को पता है कि सभी पारिवारिक और महिला पत्रिकाओं में सेक्स समस्या या व्यक्तिगत समस्या का एक कॉलम जरूर होता है और बच्चों से लेकर बूढ़े तक उसे बहुत ही चाव से पढ़ते हैं. इसमें कुछ गलत भी नहीं है. वहां अनुभवी लोग लोगों की समस्याओं का समाधान भी देते हैं.
लेकिन दोस्तो, मेरे पास आने वाली यौन समस्याओं और उन पत्रिकाओं में आने वाली यौन समस्याओं में एक भारी अंतर देखा मैंने!असल में ये सभी पत्रिकाएं पारिवारिक होती हैं. यहाँ लोग बहुत खुल कर और विस्तार से अपनी बात नहीं लिख पाते हैं क्योंकि यह कॉलम सिर्फ एक पेज का होता है प्रकाशक अपने स्तर पर अपनी पत्रिका के पाठकों के स्तर के अनुसार समस्याओं को संपादित करते हैं, सेंसर भी करते हैं.
पाठकों की कुछ बातें बहुत …