मेरे साले के यहां बेटा होने की खुशी में एक फंक्शन था. वहां मेरी सलहज ने मुझसे कुछ ख़ास ही रूचि दिखायी. उसके बाद सलहज ने मुझसे अपनी चूत की प्यास कैसे बुझवायी?
दोस्तो, आप सभी को मेरा प्रणाम. मेरा नाम विशाल है, मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ. ये मेरे जीवन की एक सच्ची सेक्स कहानी है, जो मैं आप सब लोगों के सामने अन्तर्वासना माध्यम से बता रहा हूँ. ये मेरी पहली सेक्स कहानी है, आशा करता हूँ कि आपको मेरी कहानी पसंद आएगी.
तो दोस्तो, लंड वाले पाठक अपना लंड हिलाते हुए और चुत वाली सहेलियां अपनी चुत में उंगली करते हुए मेरी इस कहानी का मज़ा लेने के लिए तैयार हो जाएं.
चूंकि मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ इसलिए मेरी सेक्स कहानी भी यहीं से ही जुड़ी हुई है. मैं दिल्ली के एक सामान्य से मध्यमवर्गीय परिवार का रहने वाला हूँ. शादी से पहले मैंने कभी सेक्स नहीं किया था, बस अपना हाथ जगन्नाथ से काम चला लेता था.
मेरी शादी साल 2006 में हुई थी. अब दोस्तो, आप सबको तो पता ही है कि शादी के बाद शुरू शुरू में कितनी ही जगह रिश्तेदारी में आना-जाना पड़ता है. ऐसे ही मुझे एक बार अपनी वाइफ की सगी बुआ के यहां जाने का मौका मिला.
ये बात साल 2007 के शुरू की है. हुआ यूं कि बुआ के यहां एक पोता हुआ था, अर्थात मेरे साले के यहां बेटा होने की खुशी में एक फंक्शन था. उनको पोते से पहले एक पोती हो चुकी थी, लेकिन पोता की ख़ुशी …