मैं अपनी मामी को पटाकर एक बार चोद चुका था. उसके बाद तो मामी की कामुकता भी बहुत बढ़ गयी थी और मेरी भी, हम दोनों चुदाई का मौक़ा मिलते ही से करने लगते.
मेरा नाम साहिल खान है मेरी सेक्स कहानी के पिछले भागमामी की चूत चुदाई की सेक्स कहानी-1में आपने पढ़ा था कि मैंने अपनी रुकसाना मामी की चूत चोद कर लंड का माल उनकी बुर में ही डाल दिया था.
अब आगे:
मैं वहां दो दिन रहा और मामी को हर मौके पर बेहद बेदर्दी से चोदता रहा. मैंने 2 दिन में अपनी प्यारी मामी को लगभग 20 बार चोदा. उसके बाद मैं घर आ गया.
फ़ोन पर हमारी खूब बातें होती थीं. उस समय इतना मोबाइल और इंटरनेट नहीं था, कॉल रेट भी बहुत महंगा होता था … 3 रूपए प्रति मिनट की दर के उस समय मैं मामी से दो-दो घंटे तक अपनी रानी से बात करता रहता था.
मेरी खाला (मौसी) की शादी में करीबन एक साल बाद गया था. उस समय रसोई में मामी थी. अन्दर जाकर मैंने अपना हाथ उनकी साड़ी के अन्दर डाल दिया … वह एहसास मुझे आज भी याद है. रुकसाना मामी की बड़ी सी चूत, उस पर छोटी-छोटी झांटों के बालों का स्पर्श मुझे बहुत मदहोश कर रहा था. मैंने उनकी चूत को खूब रगड़ा … मेरी मामी की बुर आंसू बहाने …