नेक्स्ट डोर देसी गर्ल सेक्स कहानी में पढ़ें कि मैं सेक्स का पहला मजा लेने के लिए बेताब था. पड़ोस की एक दीदी से मेरी दोस्ती थी, पर वो मुझसे बड़ी थी.
मेरा नाम शुभ है. मैं आपको अपने पड़ोस में रहने वाली दीदी के साथ की चुदाई की कहानी सुना रहा था.
कहानी के पिछले भागइंटरनेट पर सेक्स का मजा लेने की कोशिशमें आपने पढ़ा था कि पीनू दी और मैं अकेले एक दिन घर में थे. फिर बातों ही बातों में उसने अपनी टी-शर्ट निकाल कर मेरे हाथ को अपने बूब्स पर रख दिया था.
अब आगे नेक्स्ट डोर देसी गर्ल सेक्स कहानी:
मैं- अरे दी, पागल हो क्या?पीनू दी- क्यों तुमको तो मेरे साथ सेक्स करना था ना?
मैं- लेकिन …पीनू दी- क्या लेकिन … कर ले, मैं रेडी हूँ. तुम भी करना चाहते हो, कर लो, एक चूत है और एक लंड … करते हैं चुदाई और क्या चाहिए?मैं मुस्कुराते हुए बोला- ठीक है दी.
जैसा मैंने बताया था दी के बारे में कि वो बहुत कम शर्माती है, इसी वजह से वो सेक्स, चुदाई, लंड जैसे वर्ड्स मेरे सामने भी खुलेआम बोल रही थी.उसके मुँह से ये सब मैं पहली बार सुन रहा था और उसी की वजह से मेरा उसको चोदने का और भी ज्यादा मन कर रहा था.
जैसे ही उसने हां बोला, मैंने अपना दूसरा हाथ भी उसके मम्मों पर रख दिया और हम दोनों एक दूसरे को देखने लगे.टीवी का हल्का शोर और हमारी तेज़ सांसों के साथ दिल की धड़कने साफ़ सुनाई दे रही थीं.ऐसा लग रहा था, जैसे सब अपने आप …