इस हिंदी गे सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि कैसे हॉस्टल मेस में मेरे रूममेट ने आधी रात मेस वाली की बेटी की चुदाई की. लेकिन मैं गांडू तो गांड मारने मराने का शौकीन था.
मेरी गांड बुरी तरह कुलबुला रही थी खुजला रही थी, लंड के लिए मचल रही थी लंड की ठोकरों के लिए तड़फ रही थी। क्या करूं मौका ही ऐसा था। मेरा रूममेट मेरा साथी जो एक बहुत माशूक लौंडा था आज मेरे बगल में लेटा अपने मेहमान से गांड मरवा रहा था। मैं नींद का बहाना किए सोया पड़ा था।
दोस्त चिल्ला पड़ा- आ आ आ लग गई लग गई धीरे से!
मेहमान धीरे से उसके कान में फुसफुसाया- अबे अभी तो डाला ही नहीं; केवल छुलाया भर है पहले से ही हल्ला मचाने लगा? तेरा दोस्त लौंडा जग जाएगा, चुप कर, थोड़ी टांगें चौड़ी कर ले गांड ढीली कर इतनी टाइट मत कर!
और मेहमान ने एक जोरदार धक्का दिया और सुपारा गांड के अन्दर!“आ आ आ ई ई फट गई फट गई!”
वह औंधा लेटा था, हाथों की ताकत से सिर व छाती ऊपर उठाने की कोशिश की तो ऊपर …