बेटे की पत्नी बनने के बाद वो मेरे साथ ही रहने लगा था. मेरी बेटी मुझसे जलने लगी थी. मैंने उसको समझाया. आकाश ने एक जिद पकड़ ली कि मैं उसके बच्चे की माँ बनूँ.
मैं मीरा अपनी इन्सेस्ट सेक्स कहानी का अगला वाकया आपको बता रही हूं. अपनी रियल स्टोरी के पिछले हिस्सेगलती किसकी-5में मैंने आपको बताया था कि मेरा बेटा अब मुझे पसंद आ गया था. मैंने करवाचौथ के दिन उसको अपना पति स्वीकार कर लिया.
जब उसको पता लगा कि मैं उसकी पत्नी बन कर रहना चाहती हूं तो वह बहुत खुश हो गया. उस रात उसने मेरी चूत में अपने वीर्य के कई फव्वारे छोड़े और मेरी चूत को भर दिया. मुझे भी बहुत सुकून मिला. मेरी सुहागरात मेरे बेटे का साथ हो गयी और मैंने उसको पति बना लिया.
उस दिन मेरी बेटी सोनिया का भी व्रत था.आकाश मेरी चूत को चोद कर मेरे ऊपर लेटा हुआ था कि सोनिया ने कहा कि मुझे भी लंड चाहिए.आकाश बोला- पहले इसको गर्म करो मां, उसके बाद मैं इसको चोद दूंगा.
सोनिया बोली- पहले लंड को तैयार करो, अगर लंड तैयार है तो मैं भी तैयार हूं.मैंने आकाश के लंड को चूसना शुरू किया. दस मिनट तक मैंने खूब जोर से उसके लंड को चूसा और उसका लंड तैयार हो गया.
अब उसने सोनिया को नीचे लिटाया और …