अब तक की इस हिंदी चुदाई कहानी के पिछले भागखेल वही भूमिका नयी-7में आपने पढ़ा था कि पूरे कमरे में चार मर्द पांच औरतों की चुदाई में लगे हुए थे. मुझे भी राजशेखर का संसर्ग मिल रहा था. कुछ देर बाद वो झड़ गया था.
अब आगे मेरी हिंदी चुदाई कहानी में पढ़ें कि मैं इतनी अधिक गर्म हो चुकी थी कि मैंने अपने चूतड़ों को हिलाते हुए अपनी सहेली के पति को धक्के लगाने का संकेत दिया तो वो …
मैं उसी अवस्था में सिर जमीन पर टिकाए आंखें बंद किए इन्तजार करने लगी कि दोबारा वो लिंग अन्दर घुसाएगा.
थोड़े इंतजार के बाद उसने मेरी योनि के मुख से सुपारा रगड़ा और फिर जोर के झटके के साथ लिंग फिसलता हुआ मेरी बच्चेदानी से जा टकराया.
मुझे पहले की भांति इस बार का लिंग कुछ अलग सा लगा, इससे मैं समझ गई ये राजशेखर नहीं है.
मैंने सिर पीछे घुमा कर देखा, तो सुर्ख लाल आंखें … और उन आंखों में आक्रामक वासना की भूख थी. ये कांतिलाल था. शायद कांतिलाल का मन अब भी मुझसे भरा नहीं था. अब मेरी योनि में ये कांतिलाल का लिंग था, जो अब मेरी चीखें निकालना चाहता था.
कांतिलाल को देख कर मैंने अपना सिर उठाना चाहा, पर उसने मेरे बालों को पकड़ कर मेरे ऊपर झुकते हुए मेरे कंधों पर दांत गड़ाने लगा और अपने लिंग को मेरी बच्चेदानी में गड़ाते हुए मुझे उसी अवस्था में रोक लिया.
मैं अब तक इतनी अधिक गर्म हो चुकी थी कि उसके सुपारे के दबाव से हो रही पीड़ा भी मुझे आनन्दमय लग रहा था. मैंने अपने चूतड़ों को हिलाते हुए उसे धक्के लगाने का संकेत देना शुरू कर दिया. कांतिलाल भी मेरी चुनौती स्वीकारते हुए अपनी मर्दानगी का परिचय देने लगा.
Related Articles
Us Ghar Ke Andar 20 | Hindi …